आचार्य शुचिषद मुनि "वानप्रस्थ"
आचार्य शुचिषद मुनि वानप्रस्थ
आचार्य शुचिषद मुनि "वानप्रस्थ"
स्वात्मवृत्तम् - डॉ० शिवदत्त पाण्डेय
卐   स्वात्मवृत्तम्   卐
नाम:डॉ० शिवदत्त पाण्डेय सुपुत्र- श्री विद्याधर पाण्डेय
जन्म स्थान:ग्राम- औदहा पो०- मायंग जि०- सुल्तानपुर (उ०प्र०) 228121
जन्मतिथि:08 सितम्बर 1970
शिक्षा: व्याकरणाचार्य म०द०वि०वि० रोहतक (हरियाणा),
एम०ए० (वेद) म०द०वि०वि० रोहतक (हरियाणा),
साहित्याचार्य सं०सं०वि०वि० वाराणसी (उ०प्र०)
पी-एच० डी० (व्याकरण) आगरा वि०वि० आगरा (उ०प्र०)
कार्यक्षेत्र: फर० 1992 से जून 1994- महर्षि वेद विज्ञान संस्थान, नोएडा
जुलाई 1994 से जून 2002- आर्ष गुरुकुल एटा (उ०प्र०)
जुलाई 2002 से जून 2006- अन्तराष्ट्रिय उपदेशक महाविद्यालय टंकारा जिला राजकोट (गुजरात)
लेखन:ब्रह्मयज्ञ प्रकाश, देवयज्ञ प्रकाश, पितृयज्ञ प्रकाश
सम्पादन: उणादिकोष वृत्ति (आचार्य सत्यव्रत शास्त्री),
प्रतिमा पूजन (डॉ० जितेन्द्र कुमार)
वर्तमान कार्य: 05 सितम्बर 2006 से स्वसंस्थापित
वेद वेदाङ्ग विद्यापीठ गुरुकुल आश्रम धनपतगंज
जिला सुल्तानपुर (उ०प्र०) में अध्यापन एवं प्रबन्धन
विशेष अध्याप्य विषय: व्याकरण वेदाङ्ग- प्रथमावृत्ति, काशिकावृत्ति- पदमञ्जरी न्यास सहित
महाभाष्य, पारिभाषिक, माधवीया धातुवृत्ति
आख्यातिक, उणादि कोष
उपाङ्गसाहित्य: सांख्यदर्शन (महर्षि कपिल), योगदर्शन (महर्षि पतंजलि),
वैशेषिक (महर्षि कणाद), वेदान्त (महर्षि व्यास)
छन्दो वेदाङ्ग:छन्दः शास्त्रम् पिङ्गलप्रणीतम् (मेधाव्रताचार्य वृत्ति)
साहित्यशास्त्र: रघुवंशम्, बाल्मीकिरामायणम्, महाभारतम्, मनुस्मृति, हितोपदेशः,
पञ्चतन्त्रम्, दयानन्द दिग्विजयः, अलङ्कारशास्त्रम्, विदुर नीति
वैदिक कर्मकाण्ड:संस्कारविधिः, मन्त्रोच्चारण, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका इत्यादि
गुरुकुल के अन्य प्रकल्प: उभयकालीन सन्ध्योपासना एवं दैनिक अग्निहोत्र, बलिवैश्वदेव यज्ञ, गोशाला,
गोसंरक्षण, पुस्तकालय एवं वाचनालय, औषधीय पादप संरक्षण
उपलब्धि: गुरुकुल के स्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय,
सं०सं०वि०वि० वाराणसी, राँची विश्वविद्यालय तथा बिहार, झारखण्ड,
मध्य प्रदेश, दिल्ली, उ०प्र०, राजस्थान के विभिन्न महाविद्यालयों व विद्यालयों में
अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
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